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गिरगिट : प्रश्नोत्तर कार्य

- अंतोन चेखव

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर:- एक दो पंक्तियों में दीजिए-?
1. काठगोदाम के पास भीड़ क्यों इकट्ठी हो गई थी।
उत्तर:- काठगोदाम के पास ख्यूक्रिन नामक व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया था। वह उस कुत्ते पर चिल्ला रहा था इसलिए उसे देखने के लिए वहाँ पर भीड़ इकट्ठी हो गई थी।

2. उँगली ठीक न होने की स्थिति में ख्यूक्रिन का नुकसान क्यों होता?
उत्तर:- ख्यूक्रिन पेशे से सुनार था इसलिए उँगली ठीक न होने के कारण वह कई दिनों तक अपना काम नहीं कर सकता था, धन नहीं कमा सकता था। इससे उसकी आजीविका प्रभावित होती।

3. कुत्ता क्यों किकिया रहा था?
 उत्तर:- कुत्ता भय और नाक पर लगी चोट की पीड़ा के कारण किकिया रहा था।

4. बाजार के चौराहे पर खामोशी क्यों थी?
उत्तर:- इंस्पेक्टर ऑचुमेलाव उस इलाके में आया हुआ था और उसने किसी की झरबेरियों की टोकरी जब्त कर ली थी। लोगों में शासन की कार्यप्रणाली में विद्यमान अराजकता को लेकर भय था इसलिए बाजार के चौराहे पर खामोशी थी।

5. जनरल साहब के बावर्ची ने कुत्ते के बारे में क्या बताया?
उत्तर:- जनरल साहब के बावर्ची ने बताया कि जनरल साहब को पोंटर नस्ल के कुत्ते ही पालने का शौक है इसलिए यह कुत्ता उनका नहीं है। उसे याद आया कि जनरल साहब के भाई व्लादीमीर इवानिच यहाँ आए हुए हैं और यह बारजोयस नस्ल का कुत्ता उनका ही है।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर:- २५ -३० शब्दों में लिखिएः
1. ख्यूक्रिन ने मुआवजा पाने की क्या दलील दी?
उत्तर:- ख्यूक्रिन पेशे से एक सुनार था। उसका कहना था कि उसके काम की किस्म पेचीदा है जिसे उँगलियों की कुशलता से ही किया जा सकता है। उसका कहना था कि इस ऊँगली की चोट को ठीक होने में कम से कम एक सप्ताह तो लग ही जाएगा और वह इस अवधि में काम नहीं कर सकेगा इसलिए उसे हानि होगी जिसका मुआवजा उसे मिलना ही चाहिए।

2. ख्यूक्रिन ने ओचुमेलॉव को उँगली ऊपर उठाने का क्या कारण बताया?
उत्तर:- ख्यूक्रिन ने तीन टाँगों वाले कुत्ते के बारे में बताया कि इसने उसकी उँगली पर काट लिया है। वह काटी गई उँगली को ऊपर उठाकर लोगों को प्रमाण सहित दिखाना चाहता था कि उसके साथ क्या हुआ है।

3. येल्दीरीन ने ख्यूक्रिन को दोषी ठहराते हुए क्या कहा?
उत्तर:- येल्दीरीन ने कहा कि ख्यूक्रिन सदा किसी न किसी प्रकार की शरारत किया करता है। उसने बताया कि कुत्ता बेवकूफ नहीं है जो इसे काटता, ख्यूक्रिन ने अवश्य ही जलती सिगरेट से इस कुत्ते की नाक जला दी होगी।

4. ऑचुमेलॉव ने जनरल साहब के पास यह संदेश क्यों भिजवाया होगा कि उनसे कहना कि यह मुझे मिला और मैंने इसे वापस उनके पास भेजा है?
उत्तर:- ऑचुमेलॉव पुलिस इंस्पेक्टर तो है पर उसका व्यवहार अपने से ऊँचे पदाधिकारियों की चापलूसी करनेवाला है ताकि उनकी नजरों में वह अच्छा बना रहे। उसने उपरोक्त सन्देश भी जनरल साहब को उनके प्रति अपनी निष्ठा दिखाने और उनकी नजरों में अच्छा बना रहने के लिए भिजवाया।

5. भीड़ ख्यूक्रिन पर क्यों हँसने लगती है?
उत्तरः- पुलिस इंस्पेक्टर  ऑचुमेलॉव को जब पता लगा कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है तो उसका झुकाव  जनरल साहब  और उनके कुत्ते के प्रति हो गया और इसे  देखकर न्याय की चाह रखनेवाला ख्यूक्रिन असहाय हो गया। भीड़ भी यह जानती थी कि अराजकता (LAWLESSNESS) के कारण ख्यूक्रिन को न्याय  नहीं मिलनेवाला है इसलिए उसकी लाचारी देखकर हँसने लगती है।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर:- ५०-६० शब्दों में लिखिएः
1. किसी कील-वील से उँगली छील ली होगी- ऐसा ओचुमेलॉव ने क्यों कहा?
उत्तर:- जहाँ अराजकता (LAWLESSNESS) होती है वहाँ भाई-भतीजावाद और चापलूसी का व्यवहार ही देखने में आता है। वहाँ सामर्थ्यवान व्यक्ति के अपराधी होने पर भी उसके विरूद्ध कार्यवाही नहीं होती है और निरपराध या कमजोर को न्याय नहीं मिलता है। ओचुमेलॉव का व्यवहार भी कुत्ते के बारे में मिलनेवाली जानकारी के अनुसार बदल रहा था। जब उसे पता लगा कि वह कुत्ता जनरल साहब के भाई व्लादीमीर इवानिच का है तो उसने उल्टा ख्यूक्रिन को ही दोषी ठहराने के लिए ऐसा कहा।

2. ओचुमेलॉव के चरित्र की विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:-
भ्रष्ट :- झरबेरियों की जब्ती की कार्यवाही किए जाने और उस समय सड़कों पर सूनापन होने व उस समय दुकानों पर किसी का भी दिखाई नहीं देना उसके भ्रष्ट होने का समर्थन करता है कि लोग उस जैसे अफसर के प्रति प्रेम, विश्वास और आदर की भावना नहीं रखते हैं।

चापलूस :- जनरल साहब के भाई के आने की बात सुनकर खुश हो जाना और उसका जनरल साहब के लिए उपरोक्त सन्देश कि उनसे कहना कि यह मुझे मिला और मैंने इसे वापस उनके पास भेजा है' एवं ख्यूक्रिन को दोषी ठहराना उसके चापलूस होने का प्रमाण है।

विवेकहीन:- ऑचुमेलाव प्रत्यक्ष प्रमाण देखने व उसके बारे में जाँच-पड़ताल न करके सुनी-सुनाई बातों पर विश्वास करके अपना निर्णय देता है और अलग-अलग बातें सुनकर अपना निर्णय बदलता रहता है जो उसके विवेकहीन इंस्पेक्टर होना प्रमाणित करता है।

कर्त्तव्यहीन:- वह कहे जाने को तो इंस्पेक्टर है जिसका कर्त्तव्य कानून और व्यवस्था बनाए रखना है पर उसके लिए इससे भी बड़ा कार्य अपने उच्च पदाधिकारियों को खुश रखना, उनके प्रति निष्ठावान रहना और उनकी नज़र में बना रहना है। इसलिए कुत्ता जो पहले बदसूरत मरियल-सा दिखता है वह अफसर का है यह जानने के बाद उसके लिए अतिसुन्दर डॉगी हो जाता है।

3. यह जानने के बाद कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है, ओचुमेलॉव के विचारों में क्या परिवर्तन आया और क्यों?
उत्तर:- कुत्ता जनरल साहब के भाई का है यह जानने से पहले वह वह कुत्ते के मालिक को सजा देने उस पर जुर्माना लगाने और कानून का पालन करने की बात करता है, वह उसे मरियल, भद्दा कहता है, उसे मरवा देने की बात करता है और जैसे ही उसे कुत्ते के मालिक के बारे में जानकारी मिलती है वह मालिक को सजा देने, जुर्माना लगाने, सबक सिखाने, कानून की पालना की बात भूल जाता है। वही कुत्ता अब उसके लिए अतिसुन्दर डॉगी, खूबसूरत हो जाता है और उसके द्वारा कुत्ते के काटने की शिकायत करने वाला ख्यूक्रिन ही दोषी ठहराया जाता है। वह कुत्ते को मालिक के पहुँचाने की बात करता है और उनके प्रति अपनी निष्ठा दिखाना चाहता है। जनरल साहब उच्च पदाधिकारी थे। ऑचुमेलाव जनरल साहब का कृपापात्र बना रहे इसलिए इस प्रकार से उनके प्रति अपनी स्वामी-भक्ति, निष्ठा दिखाकर उनक नज़र में बना रहना चाहता था।

4. ख्यूक्रिन का यह कथन कि "मेरा एक भाई भी पुलिस में है।” समाज की किस वास्तविकता की ओर संकेत करता है?
उत्तर:- किसी नगर की पुलिस वहाँ की कानून व्यवस्था की जिम्मेदार होती है। जब कानून के रक्षक ही भक्षक हो जाते हैं तब लोग उनके दंड से बचने के लिए उनके साथ काम करनेवाले या उनसे उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों के साथ अपना परिचय होने के बारे में बताते हैं। हमारे देश में इस प्रकार के स्थिति आमतौर पर तब देखने को मिलती हैं जब किसी को ट्रैफिक पुलिस के द्वारा कानून तोड़ते पकड़ा जाता है। ख्यूक्रिन का यह कथन भी प्रशासन में फैली अव्यवस्था के कारण समाज के द्वारा लाभ उठाने की मानसिकता को बताता है।

5. इस कहानी का शीर्षक गिरगिट क्यों रखा होगा? क्या आप इस कहानी के लिए कोई अन्य शीर्षक सुझा सकते हैं? अपने शीर्षक का आधार भी स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:- गिरगिट एक ऐसा जानवर है जो अपने आस-पास के वातावरण व रंग के अनुसार अपना रंग बदल लेता है ताकि उसकी रक्षा हो सके। गिरगिट इंसानी दुनियाँ में उसे कहा जाता है जो अपने लाभ के लिए अवसर के अनुसार अपने विचार या अपनी निष्ठा बदलता रहता है। इंस्पेक्टर ऑचुमलाव जो कहानी के मुख्य-पात्र के रूप में है कभी शिकायतकर्ता ख्यूक्रिन को सही मानता है व कुत्ते व उसके मालिक को दोषी और जब पता लगता है कि कुत्ता जनरल साहब का है तो उल्टा शिकायतकर्ता को ही दोषी ठहराता है। इस सन्दर्भ में उसके बयान बार-बार बदलते रहते हैं। इसलिए इस कहानी का शीर्षक गिरगिट रखा गया। गिरगिट एक सार्थक और सही शीर्षक है। ऑचुमेलाव जैसे चरित्र को ’बेपेंदे का लोटा’ ‘बनारसी लोटा’ भी कहा जाता है इसलिए इन दोनों में से कोई एक भी शीर्षक के रूप में रखा जा सकता हैं।

6. गिरगिट कहानी के माध्यम से समाज की किन विसंगतियों पर व्यंग्य किया गया है? क्या आप ऐसी विसंगतियाँ अपने समाज में भी देखते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:- यह कहानी समाज और सत्ता की अव्यवस्था को बताती है। समाज और सत्ता दोनों कानून का पालन करनेवाले होने चाहिए और सत्ताधारी को भाई-भतीजावाद की भावना से रहित होना चाहिए। हमारे समाज में भी ऐसी विसंगतियाँ देखने में आती हैं। उदाहरण बिजली चोरी रोकने व पकड़ने की जिम्मेदारी जिन्हें दी जाती है उनके स्वयं के घर में बिजली चोरी होना पाया जाता है और उनका बाहर उनका हफ्ता बँधा होता है। पुलिस द्वारा पकड़ा गया व्यक्ति किसी का जानकार निकल आता है तो उसकी गलती माफ हो जाती है या उसे दंड से बचा लिया जाता है।

7. निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए :-
(क) उसकी आँसुओं से सनी आँखों में संकट और आतंक की गहरी छाप थी।
उत्तर:- यह कथन उस कुत्ते की दशा के बारे में बता रहा है जिस पर ख्यूक्रिन ने उसकी अंगुली को काटने का वह कुत्ता दर्द और भय से पीड़ित था। यह पीड़ा उसकी आँसुओं से भरी आँखों में साफ दिखाई दे रही थी। वह इतनी भीड़ को देखकर घबरा गया था। जानवर अपने साथ होने वाले इंसानी व्यवहार को भाँप जाते हैं। वह भी उसके साथ होने वाले किसी अनिष्टकर व्यवहार को लेकर भयभीत था।

(ख) कानून सम्मत तो यही है. कि सब लोग अब बराबर हैं।
उत्तर:- जब ऑचुमेलाव को बताया गया कि यह कुत्ता जनरल साहब का हो सकता है और येल्दीरान ने उल्टा ख्यूक्रिन को ही शरारती बताते हुए उसके द्वारा कुत्ते की नाक पर जलती सिगरेट लगाने की संभावना जताई तब ख्यूक्रिन ने ऑचुमेलाव को बुद्धिमान और विवेकी बताते हुए यह तर्क रखा कि कानून सम्मत तो यही है कि सब लोग अब बराबर हैं। ख्यूक्रिन के इस कथन से ज्ञात होता है कि वह ऑचुमेलाव से न्याय और कानून सम्मत कार्यवाही चाहता है।

(ग)  हुजूर! यह तो जनशांति भंग हो जाने जैसा कुछ दीख रहा है।
उत्तर:- जब सिपाही येल्दीरीन ने चिल्लाना सुना कि ‘शैतान कहीं का! ओ छोकरो! इसे मत जाने दो। इन दिनों काट खाना मना है। पकड़ लो। इस कुत्ते को। आह! शैतान कहीं का’ ,‘जाने मत दो’ और फिर लोगों की भीड़ दिखाई दी तब उसने ऑचुमेलाव को इसे जनशांति भंग होने जैसा बताया|

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 आभार: एनसीइआरटी (NCERT) Sparsh Part-2 for Class 10 CBSE

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